Posts

Showing posts from October, 2025

राम नाम कैसे जपें?

🌼 राम नाम कैसे जपें? सही विधि, नियम और आध्यात्मिक लाभ 🌿 — जब जीवन में सब रास्ते बंद लगते हैं, मन बेचैन हो जाता है और भीतर शांति नहीं मिलती… तब एक ही नाम ऐसा है जो तुरंत दिल को सहारा देता है — राम नाम। कहा जाता है कि केवल “राम” का स्मरण ही मन को स्थिर, शांत और शक्तिशाली बना देता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है —  राम नाम जपने की सही विधि क्या है? आज हम इसी रहस्य को सरल और गहराई से समझेंगे। 🕉️ राम नाम जप क्या है? (Simple Explanation) राम नाम जप का अर्थ है प्रेम, श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का नाम बार-बार स्मरण करना। यह केवल शब्द बोलना नहीं है, बल्कि अपने मन को भगवान में लगाना है। सनातन परंपरा में माना जाता है कि भगवान श्री राम का नाम स्वयं भगवान का स्वरूप है। 📖 शास्त्रों में राम नाम का महत्व (Scriptural Reference) भक्ति ग्रंथ रामचरितमानस में तुलसीदास जी कहते हैं कि कलियुग में केवल नाम जप ही सबसे सरल और प्रभावी साधना है। राम नाम को “तारक मंत्र” कहा गया है — यानी जो जीवन के दुखों से पार लगा दे। 🕉️ जप के लिए चौपाई (राम नाम जप मंत्र) सबसे सरल और शक्तिशाली चौपाई रामचरितमानस से 👇...

क्या भगवान् सच में है?या केवल कल्पनामात्र?

  🌼 क्या भगवान सच में हैं — या केवल कल्पना? (एक सच्ची जिज्ञासा का शांत और गहरा उत्तर) — मन का सबसे पुराना प्रश्न कभी न कभी यह प्रश्न हर इंसान के मन में आता है — क्या सच में भगवान हैं? जब जीवन में दुख आता है, जब कोई चमत्कार सा अनुभव होता है, या जब मन अकेला महसूस करता है — तब यह सवाल और गहरा हो जाता है। यह केवल दर्शन का प्रश्न नहीं है, यह हमारे अस्तित्व से जुड़ा प्रश्न है। और सच कहें तो — यह प्रश्न उठना ही आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत है। 🪔 भगवान का सरल अर्थ क्या है? भगवान कोई केवल मूर्ति या कल्पना नहीं, बल्कि वह चेतना है जो इस पूरे ब्रह्मांड को चलाती है। जिस शक्ति से सूरज उगता है, जिससे हृदय धड़कता है, जिससे जीवन चलता है — वही परमात्मा है। सनातन दृष्टि में भगवान को अनुभव किया जाता है, सिर्फ तर्क से नहीं समझा जाता।  •  शास्त्र क्या कहते हैं:- हमारे सभी ग्रंथ — वेद, उपनिषद, पुराण — एक ही सत्य बताते हैं। सबसे स्पष्ट उत्तर मिलता है भगवद गीता में। करीब 5000 वर्ष पहले भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन से कहा —  “मैं इस सृष्टि का कारण भी हूं और आधार भी।” गीता अध्य...